tag:blogger.com,1999:blog-6662165.post-1125076401783273192005-08-23T13:10:00.000-04:002005-08-26T13:16:19.196-04:00आशाकल सुबह सूरज फिर निकलेगा<br />सुनहरी किरणों से फिर छायेगा<br />नयी चेतना ले आयेगा<br />नये रहस्य खोल जायेगा ॥<br /><br />नये संदेशों से भरकर<br />फिर नयी हवाएं लहरायेगी<br />वृक्षों के पर्णों से बहकर<br />नया संगीत गुनगुनायेगी ॥<br /><br />पंछियों के नये कुजन से<br />बसंत ॠतु सा मौसम होगा<br />नये फूलों के सुगंध से भरा<br />आल्हादित सा वातावरण होगा ॥<br /><br />नये उमंगों से भरकर, नयी आशाओं को लेकर<br />घने मेघ फिर लौट आयेंगे<br />एक नयी स्फूर्तिली वर्षा से<br />नये जीवन को जीवन देंगे ॥<br /><br />आज के सूर्यास्त पर<br />जीवन का यह क्रम नही रुकेगा<br />कल सुबह सूरज फिर निकलेगा<br />सुनहरी किरणों से फिर छायेगा ॥<br /><br />२३ अगस्त २००५Arun Kulkarnihttp://www.blogger.com/profile/05235974306032930613noreply@blogger.com